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कोरोना और बारिश के चलते मध्यप्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लटके

वित्तीय संकट से जूझ रही शिवराज सरकार कोरोना संकट के अलावा अधूरे इंफ्रास्ट्रचर प्रोजेक्ट्स को लेकर चिंतित है | मानसून के पहले मध्यप्रदेश सरकार ने इनपर ध्यान देना शुरू किया था परंतु जिस गति से काम चल रहे है उसे देखते हुए तो यही लगता है की जनता को जल्द ही इनका फायदा नहीं मिल सकेगा | हालाँकि जिन 27 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने जा रहे है वहां इन अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा करने की कवायद जोर शोर से चल रही है | मध्यप्रदेश में मॉनसून से पहले ही 3500 किलोमीटर सड़कें बदहाल हो चुकी थीं, लोक निर्माण विभाग ने दावा किया कि प्रदेश के 50 जिलों में करीब 609 निर्माण कार्य शुरू किए गए | इनमें पुल-पुलियाओं के साथ सड़क निर्माण से लेकर मरम्मत के कार्य भी हैं.10 हजार 795 करोड़ रुपये की लागत वाले इन निर्माण कार्यों पर सात हजार से अधिक श्रमिक भी तैनात किए गए हैं| इन दावों के बीच तस्वीरें सागर से आईं जहां चार फीट बहते पानी के बीच, जान जोखिम में डालकर लोगों ने झांसी गेट अंडर ब्रिज से शवयात्रा निकाली. वजह इलाके में ओवरब्रिज का काम महीनों से बंद हैं. लोगों को मजबूरी में यहां से गुजरना होता है. आदिवासी बहुल छिंदवाड़ा के निमनी गांव में डेढ़ सौ लोगों के खेत जिरौरा गांव में हैं लेकिन वहां पहुंचने के लिए न कोई रास्ता है और न ही कोई पुल है. निमनी गांव और जिरौरा गांव के बीच से होकर कन्हान नदी निकलती है. सालों बीत गए यहां से मुख्यमंत्री भी बन गए, कमलनाथ सरकार के समय छिंदवाड़ा मॉडल का खूब ढोल पीटा गया लेकिन यहां के लोग गोल आकर की तुम्बा लौकी को सुखाकर नदी का तेज बहाव पार करते हैं| पड़ोसी बालाघाट में भी कुछ ऐसा ही नजारा है, टांडा दी उफान पर है जिससे लांजी सालेटेकरी मार्ग बंद है. ऐसे में लोग जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं क्योंकि दो साल से पुल निर्माण का काम अधूरा है, यहाँ लोग जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं.क्योंकि 2 साल से पुल निर्माण का काम अधूरा है | यही हाल सीधी और सिंगरौली जिलों का हैं | हाल ही में एक पत्रकार ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चुनौती दी है की वे बिना नाव और ट्रैकटर के उनके गांव पहुँच कर दिखाए | हालाँकि प्रदेश सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने के लगातार प्रयास कर रही हैं, मंत्रालय में बैठके भी हो रही है परंतु वांछित परिणाम सामने नहीं आ रहे है |